
· पाकिस्तान का बड़ा एक्शन: अफगानिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले, 7 कैंप तबाह होने का दावा .
· बदला लेने की धमकी: तालिबान ने पाकिस्तान के हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है .
· क्यों भड़का इस्लामाबाद? हाल ही में बजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे TTP नेताओं का हाथ होने का आरोप .
नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तानी वायुसेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए। इस्लामाबाद का दावा है कि ये हमले आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े गुटों के ठिकानों पर किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई में पाक्तिका और नंगरहार प्रांतों में कम से कम सात आतंकी कैंप तबाह कर दिए गए . इस हमले में आम नागरिकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आ रही हैं .
कहां और कैसे हुए हमले?
पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा गया कि ये ‘खुफिया सूचना के आधार पर चुनिंदा कार्रवाई’ थी। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पुष्टि की कि ऑपरेशन में एफ-16 और जेएफ-17 थंडर विमानों का इस्तेमाल किया गया . मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक मदरसे को भी निशाना बनाया गया, जबकि नंगरहार के खोगियानी, घनी खेल और बेहसूद जिलों में भी हवाई हमले की घटनाएं सामने आईं . पाकिस्तान के सरकारी रेडियो के मुताबिक, ये हमले बेहद सटीक थे और इनमें TTP, फितना अल-खवारिज और ISIS के ठिकानों को निशाना बनाया गया .
तालिबान का सख्त रुख: ‘जवाब देंगे’
इस हमले के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। तालिबान ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। तालिबान के एक बयान में कहा गया है कि ‘काबुल के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है’ और इसके लिए समय और तरीका नेतृत्व तय करेगा . बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद तालिबान ने वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठकें बुलाईं और सऊदी अरब, कतर जैसे मध्यस्थ देशों को भी इस बारे में जानकारी दी है .
क्यों भड़का पाकिस्तान?
पाकिस्तान के हवाई हमलों की वजह पिछले कुछ दिनों में उसके इलाके में हुए आत्मघाती हमलों को बताया जा रहा है। इस्लामाबाद का आरोप है कि ये हमले अफगानिस्तान में मौजूद TTP नेताओं के इशारे पर किए गए:
· बजौर हमला: 16 फरवरी को खैबर पख्तूनख्वा के बजौर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर हुए आत्मघाती हमले में 11 सैनिक और एक बच्चा शहीद हो गए थे। पाकिस्तान का कहना है कि हमलावर अफगान नागरिक था .
· बन्नू हमला: हवाई हमलों से कुछ घंटे पहले ही बन्नू में एक सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दो सैनिक शहीद हो गए थे .
· इस्लामाबाद बम धमाका: 6 फरवरी को इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद के पास हुए आत्मघाती धमाके में 31 लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जिम्मेदारी ISIS ने ली थी। पाकिस्तान का आरोप है कि इस हमले की प्लानिंग भी अफगानिस्तान में हुई थी .
पाकिस्तान का कहना है कि उसके पास ‘ठोस सबूत’ हैं कि ये सभी हमले अफगानिस्तान में बैठे आतंकी नेताओं के निर्देशन में हुए . उसने अफगान सरकार पर बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है .
क्या है पूरा विवाद?
पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच तनाव कोई नया नहीं है. तीन प्रमुख मुद्दे हमेशा तनाव का कारण बने रहते हैं :
- TTP का मुद्दा: पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान ने अफगानिस्तान में TTP के आतंकियों को पनाह दे रखी है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। तालिबान इन आरोपों को लगातार नकारता रहा है .
- डूरंड लाइन विवाद: 1893 में बनी 2640 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन को अफगानिस्तान ने कभी मान्यता नहीं दी। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा इस सीमा पर बाड़ लगाने के कारण झड़पें हुई हैं .
- अफगान शरणार्थी: पाकिस्तान में रह रहे लाखों अफगान शरणार्थियों का मसला भी दोनों देशों के बीच कड़वाहट का सबब बना हुआ है .
आगे क्या?
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे तालिबान पर 2020 के दोहा समझौते की शर्तों का पालन करने का दबाव बनाया जा सके . वहीं, तालिबान के रुख से साफ है कि वह इस हमले को हल्के में नहीं लेगा। हालांकि अक्टूबर में हुई झड़पों के बाद कतर की मध्यस्थता में सीजफायर हुआ था, लेकिन नवीनतम घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसियों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं . देखना होगा कि तालिबान अपनी जवाबी कार्रवाई की धमकी को कितना और कब अंजाम देता है।

